कपिलवस्तु को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने पर मंथन

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विश्व पर्यटन दिवस पर जनपदीय विचार संगोष्ठी में पर्यटन विशेषज्ञों, होटल कारोबारियों व प्रबुद्धजनों ने रखे विचार ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का हुआ विमोचन, विरासत को पर्यटन विकास से जोड़ने पर जोर सिद्धार्थनगर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को जनपद के पर्यटकीय विकास की संभावनाओं को लेकर जनपदीय विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कपिलवस्तु समेत जिले के ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर विस्तार से मंथन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि जनपद की ऐतिहासिक विरासत को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का माध्यम बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का विमोचन भी हुआ। वक्ताओं ने पुस्तक को जनपद के इतिहास और विरासत को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि जिले के गौरवशाली अतीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ इसे पर्यटन विकास से जोड़ने की आवश्यकता है। संगोष्ठी में होटल व्यवसायियों की भी सहभागिता रही। उन्हें पर्यटकों की जरूरतों, स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। पुस्तक में जनपद के इतिहास, विरासत और वर्तमान स्वरूप को समेटने के प्रयास को मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार नजीर मलिक, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक प्रंशात कुमार, संतोष श्रीवास्तव, जितेंद्र पांडेय, शुभम श्रीवास्तव, सीमा मिश्रा ने महत्वपूर्ण बताया। पुस्तक के लेखक व अपर जिलाधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने कहा कि प्रशासन के साथ प्रबुद्ध वर्ग के सहयोग से सिद्धार्थनगर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने का प्रयास किया गया है। एडीएम की धर्मपत्नी व पुस्तक प्रकाशन में अहम भूमिका निभाने वाली अलका पांडेय ने बताया कि 12 अध्याय में इस पुस्तक को प्रकाशित कर सिद्धार्थनगर से जुड़े बिंदुओं को समाज के सामने लाने की एक कोशिश की गई है। उन्होंने सभी के प्रति आभार जताया। संचालन नितेश पांडेय ने किया। कार्यक्रम में होटल एवं पर्यटन कारोबार से जुड़े व्यवसायी भी मौजूद रहे। उन्हें पर्यटन क्षेत्र में आने वाली संभावनाओं, पर्यटकों की जरूरतों और स्थानीय स्तर पर सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी गईं। इस अवसर पर अखंड प्रताप सिंह, दयाशंकर यादव, राम विलास यादव, सुरेंद्र श्रीवास्तव, गोविंद प्रसाद ओझा, राजेश मिश्रा, अभय श्रीवास्तव, प्रभात शुक्जा, राणा प्रताप सिंह, श्रीश श्रीवास्तव, पंकज पासवान, नियाज कपिलवस्तुवी, विजय कृष्ण नारायण सिंह, सलोनी उपाध्याय, अरूणेश विश्वकर्मा, सुधाकर मिश्रा, शिवदत्त अग्रहरी, नीरज श्रीवास्तव, पंकज वर्मा, किरनलता सिंह, धनेश वर्मा, पर्यटन विभाग के विश्वजीत सिंह आदि की उपस्थिति रही।